दिसम्बर २००९
 
 
 
   
 
 
 
•अमरकांत को इलाहाबाद में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित• जितेन्द्र श्रीवास्तव को देवीशंकर अवस्थी सम्मान•दिल्ली में विश्व (पुस्तक मेला ;राजकमल प्रकाशन के स्थापना दिवस पर तीन लखटिया पुरस्कारों की द्घोषणामहुआ माजी के उपन्यास 'मरंग गोड़ नीलकंठ हुआ' को तीसरा राजकमल कृति सम्मानविश्वनाथ त्रिापाठी की पुस्तक 'व्योमकेश दरवेश' को पहला सृजनात्मक गद्य सम्मान अमरेन्दु किशोर की कृति 'बादलों के रंग हवाओं के संग' को चौथा कृति सम्मानस्तंभ लेखक भारत भारद्वाज के खिलापफ वारंटद्ध)
 
 
 
कविताएं
नरेशकुमारटांक
ख्वाहिश

मैंने कब कहा कि
''तुम करो प्यार''
मैंने कब चाहा कि
''करें हम प्यार''
बस...
इतना ही तो चाहा था
'रहे प्यार'

नमी
 
उस दिन जब बारिश में
तुम भीगे थे
तब,
मैं भी भीगा था
तुम सूख गई
मैं अब भी गीला हूँ
 
अनुसंधान
 

प्यार का अर्थ
कभी जान पाऊँगा मैं
हमेशा
अनुसंधान में इसी के
असत्य का सत्य पाया

 
जब तुम
 
जब तुम मुस्कराती हो तो
अहसास होता है...
नहीं कह पाऊँगा
नहीं लिख पाऊँगा
उस अनुभूति को
जो करती है विलग
उस... संसार से

 
 
ऊपर जाये...
पिछे जाये...
 
 
  Copyright 2009 | All right reserved Powered by : Innovative Web Ideas
(A division of Innovative Infonet Private Limited)