ओ.पी.झा

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समुद्र किनारे छोटा-सा कॉटेज। फेनिल तरंगों से परावर्तित होकर सूरज की सुनहली किरणें पूरे कॉटेज को नहा रही थीं। जब केयर टेकर ने कॉटेज का दरवाजा खोला तो पूरा कमरा शीतल किंतु तेज हवा के झोंके से भर गया। कॉटेज की बहुरंगी दीवारें सुनहली किरणों के बीच इंद्रधनुषी आभा  को आकर्षित कर रही थीं। कॉजेट के दरवाजे, खिड़कियों और बालकनी से तट सहित समुद्र दूर तक दिख रहा था। उसमें नाव और जह....

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