गौरव सिंह

छायावादी कवियों की स्त्री-दृष्टि

अपने अर्थ, प्रकृति व परिभाषा के स्तर पर कई आलोचकों के द्वारा भिन्न-भिन्न रूपों में रूपायित छायावाद अपनी सीमा में साहित्य की कई धाराओं को अंतर्निहित किए हुए है। छायावाद की सबसे बड़ी अवहेलना यही रही की साहित्य के प्रखर से प्रखरतम् आलोचकों के मस्तिष्क-मंथन का सामर्थ्य रखने के बावजूद भी इसे किसी सर्वमान्य-सुघर पारिभाषिक ढाँचे में फिट न किया जा सका, जो इसके पूर्ण स्वरूप कि य....

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