मुकुल जोशी

गिलहरी और समुद्र

मैं उस समय सोया ही था, करीब दस बजे का वक्त होगा, जब दरवाजे पर दस्तक हुई, इस समय कौन होगा! मैं हड़बड़ाहट में उठा और दरवाजा खोल दिया.
“मैं! बिद्दू!! बिलासपुर वाला, भूल गया यार!!! अरे ए.एन.झा. इण्टर कॉलेज में एक साथ पढ़े हैं, नौ से कक्षा बारह तक“- बिद्दू नाम का आदमी बोला.
मैं हैरान हूँ क्योंकि चेहरा पहचान में नहीं आ रहा. मेरे दोस्त बिद्दू की तो पगड़ी थी, दाढ़ी- सी थी क्योंकि वो सरदार था, ....

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