पूरन सिंह

  काश, तुम समझ पाते

गाँव से बड़े भैया का फोन आया कि धनकुनि चाची नहीं रहीं। धनकुनि चाची अम्मा की सहेली थीं। मैया-बहनियाँ के धरातल पर अम्मा का उनसे बहुत लगाव था और चाची का अम्मा से। धनकुनि चाची धनकुनि थी अर्थात् वह महिला जो गर्भवती स्त्रियों के बच्चे पैदा कराती हो। अम्मा जब जीवित थी तब बताया था कि मुझे धनकुनि चाची ने ही पैदा किया था इसलिए वे चाची कम, अम्मा ज्यादा थीं मेरे लिए। जब मेरी शादी होकर आ....

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