प्रेमपाल शर्मा

 सत्ता के चेहरे  

21वीं सदी का मौजूदा दौर आत्मकथाओ के लिए याद किया जाता रहेगा ।राजनेता, पत्रकार, नौकरशाह सभी अपने जीवन को सामने रखकर कलम चला रहे हैं ।यह बहुत अच्छी बात है। आजादी के बाद भारत में जो परिवर्तन हुए हैं या हो रहे हैं या जो नहीं हो पाए उन सब की झलक मिलती है और यह भविष्य के इतिहासकारों राजनीति शास्त्र से लेकर समाज शास्त्रियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण स्रोत साबित होंगे। एनके सिंह उर्फ ....

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