महेश दर्पण

शेखर जोशी का अद्भुत ओलियागांव

इधर के स्मृति आख्यानों में प्रायः यह पाया गया है कि लेखक विवरणों में रस लेने लगा और मितकथन का महत्व ही बिसरा गया। किंतु हाल ही में प्रकाशित शेखर जोशी की पुस्तक ‘मेरा ओलियागांव’ में यह कमज़ोरी आदि से अंत तक कहीं नज़र नहीं आती। उनका यह ग्रामवृत्त इस दृष्टि से स्मृतियों की ऐसी भोली प्रस्तुति है जहां लेखक का बाल-मन रह-रह कर सचेत हो उठता है। लेखक की ओर से अपने ग्रामीण परिवेश क....

Subscribe Now

पूछताछ करें