अरुणेश शुक्ल

तुम्हारी चीख ही हो अंतिम

यह कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए कि वर्तमान युवा हिंदी कविता को बहुविध और समृद्ध बनाने में स्त्री कवियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सोशल मीडिया ने स्त्रियों को अपनी अभिव्यक्ति का प्लेटफॉर्म मुहैया कराया है, जहां वह अपने भाव-विचार बिना किसी काट-छांट, संपादन, झिझक व डर के ज्यादा मुखर तरीके से दर्ज कर सकती हैैं। स्त्रियां कर भी रही हैं। इनकी कविताओं को सोशल मीडिया से ले....

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