सुरेश सौरभ

पाप-पुण्य

 


पूरे गांव में हलचल थी। प्रधान जी ने छोटी काशी भेजने के लिए ट्रैक्टर-ट्राली का इंतजाम करा दिया, साथ मेें खाने-पीने का भी इंतजाम था। सभी कांवरिये और शिवभक्त जाने को तैयार थे। शीलू और शीतल किशोरियां भी जाने को तैयार थीं। सभी ने कहा- दोनों किशोरियों को अगर शिव-पार्वती बना दिया  जाए तो बेहतर रहेगा, और अगर वे ट्राली में बंधे डीजे पर डांस करते हुए चलेंगी तो ब....

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