साधना अग्रवाल

आलोचना के विभिन्न परिसर

विश्वविद्यालय के ही परिसर नहीं होते, परिसर साहित्य के भी होते हैं जिसमें विभिन्न विधायें-उपन्यास, कहानी, कविता और आलोचना-समीक्षा स्थित होती हैं। 

आलोचना-समीक्षा शब्द-युग्म तो नहीं है लेकिन आजकल लगभग एक-दूसरे के पर्याय के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। परिसर और परिवेश दोनों का संबंध जटिल है। वैसे तो आलोचना का जन्म समीक्षा से ही हुआ है लेकिन आलोचना की आज ज....

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