कृष्ण बिहारी

आपबीती 

ताजमहल के सामने झोपड़ी का होना गुनाह नहीं है। अमीरी के आगे गरीबी का रोना गुनाह नहीं है। अमीरी और गरीबी का साथ चोली-दामन का है। हकीकत यही है कि एक का होना ही दूसरे के अस्तित्व पर निर्भर करता है। सौंदर्य का माप इसी पैमाने पर तय होता है कि वह अपनी कुरुपता को ढंकता कितना है! अनावृत्त होना क्षणिक सौंदर्य की कौंध भर है। स्थायी नग्नता में केवल प्रकृति सुंदर लगती है। वर्क  परमिट बन जाने के ....

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