अजित राय

सांस्कृतिक तानाशाही और प्रतिरोध की आवाजें

अभी फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की मशहूर नज़्म " लाज़िम है कि हम देखेंगे " को राषट्र द्रोही साबित करने की बेवकूफाना कोशिश जारी ही थी कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दीपिका पादुकोण के जाने के बाद उनकी फिल्म " छपाक " के खिलाफ फतवा जारी कर दिया गया। इतिहास गवाह है कि दुनिया भर में सिनेमा, साहित्य, नाटक, संगीत और कलाओं पर जब जब सांस्कृतिक तानाशाही थोपने की कोशिश हुई, उसके भयंकर ....

Subscribe Now

पूछताछ करें