मुकेश कुमार

भक्त मीडिया के छद्म पत्रकार


दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों ने कुछ चीज़ों से परदा उठा दिया। यूँ भी कहा जा सकता है कि परिणामों ने आम लोगों में व्याप्त कई भ्रमों को पूरी तरह से दूर कर दिया। एक तो ये कि उस अंधराष्ट्रवादी राजनीति की सीमाएं हैं, जिसे सत्तारूढ़ संघ परिवार राष्ट्रवाद कहता है। इस नस्ली सियासत का जादू ऐसा नहीं है कि जनता पागल हो जाए और उस पागलपन में अपना हित-अहित बिसरा दे। कम से कम अभी तक त....

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