सुधीश पचौरी

साहित्य के विखंडन की शुरूआत:राउंड वन

 

 

इतिहास न एक दिन में शुरू होता है न खत्म होता है-वह निरंतर होता है इस निरंतरता में जब हम नए और पुराने मेंबहुत दूर तक एक  मिश्रण बना रहता है और बहुत बाद में मालूम हुआ करता है कि कुछ जो पुराना था वह अपने कुछ निशान और दबाव छोड गया है और जो नया नजर आता है उसमें पुराने के अवशेष छिटके नजर आते रहते हैं-

इसीलिए जब हम कहते हैं कि उन्नीस सौ ....

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