-अनुवाद: पापोरी गोस्वामी

रम्यभूमि

राम की चिट्ठी पढ़कर पहले तो गौरी चौंक गई, बाद में भी वो बहुत अस्थिर रही. उस रात वो अच्छी नींद नहीं सो पाई, बीच-बीच में कई बार उसकी नींद खुली और हर बार नींद खुलते ही चिट्ठी में लिखी पंक्तियाँ उसे याद आती रहीं. वो सोचती रही इन बातों का अर्थ क्या है. गौरी ने पहले तो इस तरह से सोचने की कोशिश की कि राम अक्सर उसकी रफ कॉपी में उसका नाम लिखता है, शाय....

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