श्याम सुंदर चौधरी

नग्नद्वीप

(1948 से 1959 तक के कालखण्ड तथा कलकता और अण्डमान निकोबार की पृष्ठभूमि पर, विशेषकर निकोबार द्वीप के निवासियों के आचार विचार, उनकी मान्यताएं तथा वहां की पारम्परिक लोक कथाओं के आधार पर इस कहानी का सृजन हुआ है । तात्कालिक कलकत्ते का चरित्र भी इसमें दिखाई देता है - अनुवादक)

उस दिन अपने एक खेल विशेषज्ञ मित्र से मिलने के लिए मनोहरदास नामक तालाब के उत्तरी सिरे से ....

Subscribe Now

पूछताछ करें