-अनुवाद: पापोरी गोस्वामी

रम्यभूमि

केशव दास के चले जाने के बाद राधा घर के बाकी लोगों से आँखे चुराकर यहाँ वहाँ बैठी रही, बाहर की तरफ जाकर खड़ी रही और बस समय काटती रही. योगमाया राधा को काफी देर से ढूँढती रही। फिर वह उसे पूजाघर के आँगन में मिली। उसने राधा से पूछा, “ क्या हुआ, वो आदमी क्या कह रहा था?”
राधा ने कहा, “ कुछ भी नहीं. वो सब स्कूल की बातें हैं, जानकार क्या होगा. ये सब सुनने की ज़रूरत नहीं है.”
योगमाया क....

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