प्रेम भारद्वाज 

दि ग्रेट इंडियन डेमोक्रेटिक सर्कस

हमारे समय की विचित्रता यह है कि एक अजीब सदी अदला-बदली के जरिए 
बेगुनाही पर खुद को वाजिब ठहराने की जिम्मेदारी थोप दी गई है।
-अल्बेयर कामू


उसे सलाह दी गई-आग से डरना-भस्म हो जाओगे।
वह आग ही हो गया।
फिर सलाह दी गई-भीड़ की आड़ में खुद को सुरक्षित रखो।
वह भीड़ के खिलाफ सत्य के जर्जर काया वाले शख्स के गले लग गया जो बुजुर्गीयत की पोशाक में अपनी क्....

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