शोभा अक्षर 

जन्म दिवस पर स्मरण

हिन्दी और उससे इतर अन्य भाषाओं में सभी साहित्यकारों ने अपनी-अपनी भाषा को केवल समृद्ध  ही नहीं किया बल्कि व्यापक भी बनाया। इन साहित्यकारों के योगदान को स्मरण करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि शब्दों का संसार अब अपने मायने खो रहा है या उसके संदर्भ बदल रहे हैं। अपनेे पाठकों के लिए ‘पाखी’ ने एक नई पहल की है। प्रत्येक महीने में जिन साहित्यकारो का जन्म....

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