संजीव

एक दूसरा भुवनेश्वर 

उस दिन व्हाटसअप पर एक खबर तैर रही थी। प्रेम भारद्वाज को श्रद्धांजलि या नमन प्रेम---! अत्यंत दुखद! कोरोना की घोषित अघोषित बंदी में अस्तब्ध कर देने वाली खबर! यह क्या हुआ चेहरा सामने आया। देर तक टंगा रहा। फिर धीरे-धीरे डिजाल्ब कर गया।अपनी अस्वस्थतावश आना-जाना मिलना-जुलना नहीं होता, पर वे मेरे मित्र थे। ‘पाखी’ के दफ्रतर और कुछेक बार घर भी जाने का संयोग बना। जो सात्विक युवा आ....

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