अविनाश मिश्र

एक मृत्यु एक मनुष्य को एक नए सिरे से समझने का अवसर है। 

एक मृत्यु बहुत कुछ समझा सकती है, बशर्ते वह आपकी अपनी न हो। किसी के न रहने की दूरी में आप उसे बेहतर देख सकते हैं, जिसके निकट रहकर उसका बहुत कुछ आपसे छूटता रहता था। यह नहीं लगता था कि वह बस बहुत दूर जाने को ही है। प्रेम भारद्वाज मुझे कभी जँचे नहीं। मैंने उनके साथ चार साल से ज़्यादा समय तक एक छत के नीचे नौकरी की। इस दरमियान कई मौक़े ऐसे आए, जब मुझे लगा कि मैं आख़िर इतनी मूर्खता कैसे ....

Subscribe Now

पूछताछ करें