हरिसुमन बिष्ट

कवरेज एरिया से बाहर

सुबह-सुबह सन्देश आया कि प्रेम भारद्वाज नहीं रहे। प्रेम भारद्वाज के कैन्सर से पीडि़त होने की ऽबर पहले से थी। गिरते स्वास्थ्य और अंतिम समय में अहमदाबाद में होने की सूचना कांटे की तरह चुभ गयी। यों तो हम दोनों एक दूसरे के नाम से पहले से परिचित थे, किन्तु रू-ब-रू होने का मौका ‘दि सन्डे पोस्ट’ के कार्यालय में मिला था। इसके लिए माध्यम चर्चित कथाकार क्षितिज शर्मा बने थे। तब वह ....

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