राजेंद्र राव

एक अपराजेय योद्धा का बहिर्गमन

प्रेम भारद्वाज से मेरी मुलाक़ात 2009 में हजरत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर हुई| हमें साथ साथ कोटा जाना था|एक साहित्यिक समारोह में भाग लेने| अपूर्व जोशी भी थे| पाखी पत्रिका के मालिक और संपादक की जोड़ी के साथ वह रेल यात्रा बहुत मनोविनोदपूर्ण रही|कोटा में छावनी के एक होटल में ठहराया गया था| रात को रस रंजन की लंबी बैठक में कब हम लोगों का औपचारिक परिचय अंतरंगता में बादल गया,यह पता ही ....

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