बद्री सिंह भाटिया

एक नगीना जो यूँ ही चला गया 

 दुनिया से जाने वाले जाने चलेे जाते है कहाँ 
    कैसे ढूँढे कोई उनको, नहीं कदमों के भी निशाँ
    जाने है वो, कौन नगरिया, जाए ख़त न खबरिया
    आए जब-जब उनकी यादें, आए होंठों से फ़रियादें
    जाके फिर न आए, जाने चले जाते हैं कहाँ 


पुष्पाँजलि फिल्म का यह गाना बजते ही मुझे कई बार उन दिवंगत हुए मित्रों और अग्रजों की या....

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