डाॅ. रूपा सिंह

वह आग ही हो गया!

‘उसे सलाह दी गई-आग से डरना।

वह आग ही हो गया।’

प्रेम भारद्वाज जी से मेरी पहली मुलाकात मेरे घर पर ही हुई थी। यह 2008 का समय था। उनकी पत्नी लता जी ‘नटरंग प्रतिष्ठान’ से जुड़ी हुई थी और नटरंग के शुरूआती दौर से ही मैं इस संस्था से जुड़ी थी। अपनी पीएचडी का बहुत सा काम मैंने इस प्रतिष्ठान में उपलब्ध दुर्लभ पाठ्य, सामग्रियों की सहायता स....

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