मृदुला गर्ग

कि झोंके कि तरह आये है 

प्रेम वह बला है जो झोंके की तरह आये है और निकल जाए है। अगर ठहर जाए तो दिल पर पत्थर की तरह बैठ जाए है। प्रेम होगा तो दुख उठाना ही पड़ेगा। चाहे हवा के झोके से निकल जाने का दुख, चाहे दिल पर पत्थर रख कर जीने का दुख। 
कभी सोचा है कि वही प्रेम कथाएं कालजयी क्यों होती हैं जिनका अन्त दोनों प्रेमियों की मृत्यु में हो? रोमियो जूलियट,हीर राँझा, शीरीं फ़रहाद, लैला मजनूं कितने नाम गिनाऊं? ....

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