वसंत निरगुणे

लोक में प्रेम

लोक में प्रेम और प्रेम का लोक भी अजीब है। वह दो दिलों में पैदा होता है और सारी सृष्टि में फैल जाता है। महादेव को भी स्त्री और पुरुष के दिलों में प्रेम पैदा करने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। महादेव स्वयं ने पहले स्त्री-पुरुष, भाई-बहन के रूप में उत्पन्न तो कर दिया था लेकिन उनके मन में प्रेम के अंकुर लेश मात्र भी नहीं थे। ऐसे ही कई वर्ष बीत गये। तब महादेव को फिकर हुई। यह संसार कैस....

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