नीरज खरे

कुरते वाली शर्ट

उस रात मिक्कू की आँखों से नींद गायब थी। होठों पर ऊँंगली रखे, छत की तरफ ताक रहा था। रह-रह कर वही घटना बार-बार याद आ रही थी। बात ही कुछ ऐसी थी- कभी न भूलने वाली... उम्र के सुहाने मोड़ पर किसी लड़के को कोई लड़की ऐसे देखे कि किशोर मन बाग-बाग हो जाए... उस पर एक अजाना छिपा रंग छा जाए! बस एक नज़र... तब वह उसके लिए कोई यूं ही भूल जाने वाली बात नहीं! वह उसकी सबसे खास और खूब सहेजने वाली घटना नहीं, तो क्या....

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