अनुराधा गुप्ता

हिन्दी कथा साहित्य के अर्द्धशतक की प्रेम कहानियां


प्रेम आदम जात की  नैसर्गिक व कदाचित सर्वाधिक जटिल वृत्ति है| मनुष्य की  इस वृत्ति व इसके जैसी अन्य आदिम वृत्तियों का  आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने अपने भाव व मनोविकार से जुड़े निबन्धों में बेहद तार्किक, मनोवैज्ञानिक व सूक्ष्म विश्लेषण किया है, वे मानते हैं  कि मनुष्य के जीवन का आरम्भ केवल सुख और दुःख की जोड़ी की अनुभूति के द्वंद्व से  ही होता है| जो बाद में ‘नाना वि....

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