अजय वर्मा

  प्रेम और देह के बीच स्त्री

मेरे समक्ष स्त्री – प्रश्नों पर केन्द्रित तीन उपन्यास हैं और तीनों की थीम प्रेम, देह सामाजिक यथार्थ का जटिल विमर्श  है| यह अलग बात है कि प्रेम के प्रति तीनों उपन्यासकारों का दृष्टिकोण एक जैसा  नहीं है और यह अस्वाभाविक भी नहीं है| मानव ह्रदय का सबसे मार्मिक,  मगर सबसे जटिल भाव प्रेम ही है जिसकी कोई सर्वमान्य परिभाषा नहीं दी जा सकी है, विचार करने का प्रयास जरूर सदियों ....

Subscribe Now

पूछताछ करें