शोभा जैन

ओशो की दृष्टी से 'प्रेम'

ओशो एक बार एण्डु कारनेगी का जीवन पढ़ रहे थे वह अमेरिका का सबसे बड़ा अरबपति था उनकी मृत्यु हुई तो दस अरब रुपये छोड़  कर  गए मरते वक़्त ऐसे ही कौतुहल वश जो व्यक्ति उसके सेक्रेटरी का काम करता था उसका जीवन लिख रहा था उसने उससे एक दिन पूछा सुनो! लिखना बाद में पहले एक सवाल का जवाब दो अगर परमात्मा यह चुनाव का मौका दे कि चाहो तो तुम एण्डु कारनेगी हो जाओ या एण्डु कारनेगी का सेक्रेटरी तु....

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