रजनी गुप्त

नई सदी: नई कहानी :और स्त्री  स्वर 

मार्क्स  ने बहुत पहले लिखा है- विवाह अस्ति‍त्व  और व्योक्तित्वग की कत्ल गाह है। परिवार स्त्री  की घरेलू दासता पर आधारित संस्थाल और व्य वस्थाअ है। 
21वीं सदी में कई परिघटनाएं घटीं। भारत में उदारीकरण ने समूचा परिदृश्य  बदल दिया। बदलते समाज में बदलते हुए आर्थिक परिवेश में खुली प्रतियोगिता के माहौल ने सब कुछ उलट पुलट दिया। सांप्रदायिकता के नए चेहरे विद्रूप रूप म....

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