अरविन्द कुमार

रसप्रिया: एक अन्तर्पाठ

फणीश्वरनाथ रेणु के जन्म शताब्दी वर्ष में  प्रस्तुत है उनकी कहानी रसप्रिया का अन्तर्पाठ।

रेणु की कहानी ‘रसप्रिया’ 1955 में लिखी गयी और धर्मवीर भारती के संपादन में इलाहाबाद से निकलने वाली पत्रिका 'निकष' में पहली बार छपी। यह नई कहानी का दौर था जिसमें 'रसप्रिया' के साथ-साथ 'डिप्टी कलक्टरी'(1955), 'दोपहर का भोजन'(1956), 'जिंदगी और जोंक'(1956), 'तीसरी कस....

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