अजित राय

पेरिस की हवा में ही आजादी और रोमांस है

पाखी पत्रिका के प्रेम विशेषांक को पलटते हुए मुझे पांच  साल पहले पेरिस के भारतीय दूतावास में अपने मित्र राजनयिक की कही हुई बात याद आ गई। उन्होंने कहा था " अजित जी, पेरिस की हवा में ही आजादी और रोमांस है। " वह जून 2015  के पहले हप्ते की एक खुशनुमा शाम थी और हमारे हाथों में फ्रांस की मशहूर वाइन के ग्लास थे। मैं अपनी मित्र मारियान बोर्गो के पेंट हाउस ( 40, जैस्मीन स्ट्रीट ) में ठ....

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