सुरेश कुमार

एक सजग कथा शिल्पी का जाना

मुझे याद है कि कथाकार बृज मोहन (1951-2020) की एक कहानी काफी पहले हंस, अक्टूबर 2014 के अंक में ‘चुनावी चक्रम’ पढ़ी थी। इस कहानी की कथावस्तु में राजनीतिक विद्रुपताओं को प्रस्तुत किया गया था। कथाकार बृज मोहन की पहली कहानी ‘भ्रमान्तर’ है। यह कहानी सन् 1974 में ‘शब्द’ पत्रिका में छपी थी। सन् 1975 में यही कहानी दैनिक जागरण की पत्रिका ‘कंचन प्रभा’ में भी छपी थी। ब्रज मोहन शुरुआती द....

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