उर्मिला शुक्ल

मध्यवर्गीय जीवन का कोलाज 

स्वातन्त्र्योत्तर भारत में जातीय व्यवस्था के समानांतर वर्गीय व्यवस्था भी अपने पैर पसारने लगी थी . नये भारत का निर्माण हो रहा था . प्रशासनिक व्यवस्था बदल रही थी . नौकरी लोगों को गाँव से शहर की ओर खींच रही थी . औद्योगीकरण ने तो इसमें महती भूमिका निभाई . अब गाँव से इतर एक नया समाज बसने लगा था ,जो जाति से अलहदा वर्गीय समाज अधिक था . इस वर्गीय समाज का आधार अर्थ था. भारत का उच्चवर्ग स....

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