दिनेश कर्नाटक

नये पाठ में सार्थक कहानी ‘बलि’

स्वयं प्रकाश की ‘बलि’ आदिवासी जीवन की पारंपरिक जड़ता तथा विकास के प्रपंच में फंसी स्त्री के जीवन की त्रासदी की अविस्मरणीय कहानी है। बड़े लोगों के घरों में काम करने वाली एक अदिवासी लड़की के माध्यम से स्वयं प्रकाश ने स्त्री के शोषण तथा उस पर होने वाले अन्याय के कई आयामों को उद्घाटित किया है। बलि कहानी की बड़ी बात यह है कि यह सिर्फ स्त्री जीवन के विडंबना की ही कहानी नहीं ....

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