सुरेश कुमार

 दलित लेखकों  के मारक  सवाल 

  14 अगस्त 1931 को बाबा साहेब डा.अंबेडकर पहली बार जब महात्मा गांधी से बंबई के मणि भवन मिले थे, तब डा.अंबेडकर ने गांधी जी से बड़ी संजीदा आवाज में कहा था कि ‘मेरी कोई मात्र भूमि नहीं है।’ यह सुनकर महात्मा गांधी अंदर तक हिल गये थे। इस कथन के पीछे डा.अंबेडकर की पीड़ा और चिंता को महसूस किया जा सकता है। इस कथन से उनका अशाय था कि इस देश में दलितों के लिये कोई जगह नहीं है। दलित देश की सार....

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