शेखर जोशी

श्री नरेश मेहता, गीतकार नईम और निन्नानबे का फेर

पिछली सदी के आठवें दशक के उत्तरार्द्ध में जनवादी लेखक संघ के राष्ट्रीय अधिवेशन के सिलसिले में भोपाल जाना हुआ तो वहां अपने दो प्रिय साहित्यकारों से पहली बार भेंट हुई. यह एक संयोग ही है कि दोनों आपस में एक दूसरे के नज़दीकी रिश्तेदार निकले. पहले व्यंग्यकार शरद जोशी, जिन्होंने अधिवेशन मै चुटीला स्वागत भाषण दिया और ताल के किनारे अतीत में कलमें उगने और वहां अब कलमें बिकने का र....

Subscribe Now

पूछताछ करें