सुधीश पचौरी

हिंदुत्व की सत्ता और हिंदी साहित्य

इससे पहले कि हम इस अंतिम किश्त की शुरूआत हिंदी आलोचना की ‘आलोचना’ से करें, हमें  पिछले बीस बरसों की कुछ बडी घटनाओं और हिंदी साहित्य में उसकी प्रतिक्रियाआें का नोटिस लेना जरूरी है-
कहने की जरूरत नहीं  पिछले बरसों में घटी सबसे बडी और निर्णायक घटना है 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा नियंत्रित एनडीए की चुनी हुई सरकार का केंद्र में सत्तासीन होना!
इससे कांग....

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