भारत यायावर

रेणु की कहानी में संगीत की लय



रेणु जीवन-जिज्ञासा को महत्व देते थे। जिज्ञासा ही हमें नित नूतन संधान को तत्पर करती है। रचनात्मक अन्वेषण सतत गतिशीलता बनाए रखता है। हमें जाग्रत किए रहता है। जीवन-दर्शन कहीं से किराए पर लेकर अपने को सिद्धहस्त समझने वाले नवीन प्रक्रिया से नहीं गुजरते। वे सिर्फ निष्कर्ष देते हैं। बैठे-ठाले जीवन-दर्शन प्राप्त कर लेने वाले रेणु को विचारधारा वा दर्शनविहीन कहकर खारिज ....

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