लघुकथा/व्यंग्य

  • देश अपना

    उसने बच्चे के दोनों कंधों पर प्यार से हाथ रखते हुए कहा - " बेटा, तुम्हें पता है न कि शहर में कर्फ्यू लगा हुआ है ? फिर तुम

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  • शांति

    बंद दुकान में पड़े-पड़े झंडे कुनमुना रहे थे। पीपल के रंग का झंडा बोला, ‘भोत हो गई भिया। तड़प रिये हैं जोशीले युवाओं के ह

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  • गाँधी तेरे देश में

    उसने पर्स खोल कर पैसे की स्थिति देखनी चाही, हाथ क्लच को खोल नहीं सके। क्रीम से हाथ की चिकनाहट को टिश्यु पेपर पर उकेर

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  • निठल्लेपन में प्रथम प्रधानमंत्री

    मेरे निठल्लेपन में देश के प्रथम प्रधानमंत्री और दूरदर्शी आदमी पंडित जवाहर लाल नेहरू का नारा ‘आराम हराम है’ खलल ड

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  • एक यक्ष प्रश्न

    राष्ट्रप्रेम कोई कास्टप्रेम तो नहीं जिसमें समर्पण न होने से व्यक्ति को अपमानित होना पड़े। इधर कास्ट प्रेम के साथ ऐ

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