कहानी

  • सम्मान

    लेखन के शुरुआती सालों में किसी पुरस्कार या सम्मान की उम्मीद करना बेमानी और कभी हास्यास्पद है हालांकि युवा रचनाशी

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  • सिया की शुद्धि

    मास्टर  केशवराम ने जब ग्राम पंचायत की ओर से भेजे गए खत को पढ़ा तो उसके होश उड़ गए। बेटी का ब्याह रचाने की उम्र में एक पि

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  • मेरे गांव की तीन बीघिया जमीन

    जब से हमलोगों ने होश संभाला, तीन बीघिया जमीन से अपनापन ही महसूस किया. जैसे तीन बीघिया जमीन का टुकड़ा नहीं- अपना ही को

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  •  बोहनी

    सर्दियां शुरू होते हीलोगों की आवाजाही ज्‍यादा हो जाती है इन रास्‍तों पर। गर्मियों में कोई आदमीभूले-भटके भी नहीं द

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  • "निम्फोमैनिऐक"

    खिड़की से धूप उतर गई थी अब। अंधेरा होने को था। दिन अपनी पूरी लालिमा समेटे लगभग डूब रहा था। मैं कुछ देर खिड़की पर से झूल

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  • उत्सव

    बायपास में इतना अंधेरा? इसीलिए आए दिन पेपरों में पढ़ा है कि लोगों ने लूट लिया! अंधेरी पुलियाओं में इक्का-दुक्का ग्रा

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