कविता

  • रसूल का गांव

    सिगरेट सुलगाते रसूल कहते हैं अपनी जबान और मेहमान को हिकारत से मत देखना वरना बादल बिजली गिरेंगे हम पर, तुम पर, सब पर।

    पूरा पढ़े
  • दिल्ली

    देखो धुंध की अभेद्य चादर में लिपटी हुई ये दिल्ली है भारत वर्ष की राजधानी राजपथ बनाम जनपथ के संघर्षो के इतिहास जिसक

    पूरा पढ़े
  • पहाड़ और पहाड़

    यह हो सकता है  निकोस कजान्तजाकिस का महान नायक ‘जोरबा द ग्रीक’ पूर्वजन्म में  मेरे देश का ही कोई पहाड़ रहा हो

    पूरा पढ़े
  • दबी जुबान में कह रहे सब

    दबी जुबान में कह रहे सब,  जान से बेचारा गया,  वो ईमानदार था,  शायद इसलिए मारा गया। 

    पूरा पढ़े

पूछताछ करें