कविता

  • पीछे छूट गए शहर

    हम आगे चलते गए  हम आगे बढ़ते चले गए बदलते चले गए शहर पर शहर पर पीछे छूट गए शहर

    पूरा पढ़े
  • हमारे समय की चिंताएं

    यूँ तो हमारे समय की चिंताओं में कई चिंताएं हैं लेकिन हमारे समय की चिंताओं में जो एक चिंता हमें लगती है वो स्कूल की य

    पूरा पढ़े
  • मेरी यात्रा

    क्या लिख सकता हूँ   मेरी यात्रा , चार कंधो पर सोया हूं  इस अपनी श्मसान यात्रा में  कफन ने  सभी जब्त कर लिया है  रात्रि

    पूरा पढ़े

पूछताछ करें