उपन्यास अंश 

  • रम्यभूमि

    योगमाया अपने बारे में सोचकर खुद ही चकित है। कहां की थी और कहां रह रही है। अब ये घर, बगीचा और जंगल उसी का है। ये जंगल कि

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