‘तश्तरी’ का मतलब प्लेट, जाहिर है इसमें कुछ परोसा गया होगा, वर्ना इस शीर्षक की प्रासंगिकता ही खत्म हो जाती, तो इसमें पेश की गई हैं वह कहानियां जो मुस्लिम समाज के वंचित तबके की हैं और इन कहानियों के साथ किताब की भूमिका में ढेर सारी मिसालों के साथ यह दावा किया गया है कि अधिकांश उर्दू साहित्य केवल कुलीन मुस्लिम समाज की ही अक्कासी करता है। किताब के संपादक सुहेल वहीद की यह भू....
