अदिति सक्सेना

मेरी नानी दूसरी नानियों से बिल्कुल अलग 


बचपन में कभी रियलाइज नहीं हो पाया था कि नानी इतनी बड़ी लेखिका हैं। नानी जो कहानियां सुनाती थीं, लगता था कि शायद सभी की नानियां ऐसी ही कहानियां सुनाती हैं। बाद में जब मैं स्कूल गई, तब मैं जाकर यह अहसास होने लगा था कि मेरी नानी सबसे अलग हैं। 
मैं चौथी कक्षा में थी। तब नानी को महाराष्ट्र के राज्यपाल ने सम्मानित किया था। मैं उस कार्यक्रम मैं नाना-नानी के साथ गई थी। उस समय ....

Subscribe Now

पाखी वीडियो


दि संडे पोस्ट

पूछताछ करें