मदन कश्यप 

आप कहां खड़े हैं?

चिंतकों या सर्जनात्मक व्यक्तित्वों का जीवन एकरैखिक नहीं होता। उनमें उतार-चढ़ाव बहुत संभव है। प्रश्न यह उठता है कि उनके प्रति हमारा दृष्टिकोण क्या होना चाहिए। दरअसल ऐसी शख्सियतों पर विचार करते हुए, अवश्य ही उनके सभी पक्षों की चर्चा की जानी चाहिए। लेकिन, उनके प्रति प्रेम या घृणा, सम्मान या असम्मान के जो भाव बनते हैं, उसका आधार उनकी जीवन यात्र के आखिरी पड़ाव को ही....

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