विगत दो वर्षों से अधिक समय में कई मंचों से काफी ऑनलाइन कार्यक्रम हुए। विभिन्न पीढ़ियों के लेखकों की ओर से कुछ महत्वपूर्ण लेक्चर दिए गए। रचना-पाठ हुए। न्यूनाधिक सभी विधाएं इसमें समाहित हुईं। सर्जकों को नजदीक से जानने-समझने का मौका मिला। तकनीक ने देश की राजनीतिक सीमाएं तोड़ीं और मानवता एक-दूसरे के करीब आईं। साहित्य में कई छवियां टूटीं और कई नए सिरे से बनीं। टू....
